जोशीमठ दरक रहा है, कुछ तो करो सरकार– 

by | Jul 8, 2022 | आपदा, कार्रवाई, चमोली | 0 comments

जोशीमठ संघर्ष समिति ने डीएम के माध्यम से सीएम को सौंपी रिपोर्ट, पढें ये बिंदु हैं शामिल– 

गोपेश्वरः जोशीमठ संघर्ष समिति ने कुछ दिन पूर्व कुछ पूर्व वैज्ञानिकों से जोशीमठ क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन और भू धंसाव का अध्ययन करवाया। इसमें कई तथ्य सामने आए। विशेषज्ञों ने जोशीमठ क्षेत्र में विकास के कार्य रोकने और क्षेत्र के संरक्षण के लिए वृहद कार्ययोजना तैयार करने का सुझाव दिया।

शुक्रवार को जोशीमठ बचावो संघर्ष समिति ने यह रिपोर्ट जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेज दी है। समिति ने स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि यदि मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय की शरण लेंगे। 

संघर्ष समिति के संरक्षक अतुल सती और प्रवक्ता कमल रतूड़ी ने कहा कि जोशीमठ में नवंबर 2021 से भूस्खलन और भू-धंसाव से आवासीय मकानों में दरारें आ रही हैं। तब से क्षेत्र में सड़कें भी लगातार धंस रही हैं। 30 से अधिक घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी हैं।

जोशीमठ नगर को बचाने के लिए कोई योजना आज तक नहीं बनाई गई है। मौजूदा समय में जोशीमठ की आबादी लगभग 25 हजार है। यहां चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों व पर्यटकों व वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन व भू धंसाव को देखते हुए यहां व्यापक व संपूर्ण अध्ययन के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने की जरुरत है।कमेटी में वनस्पति विज्ञानी, ग्लेशियर विशेषज्ञ, भू-गर्भ वैज्ञानिक व जनप्रतिनियों को शामिल किया जा सकता है।

कहा गया कि बार-बार शासन-प्रशासन से आग्रह करने के बावजूद भी क्षेत्र का अध्ययन नहीं हुआ तो हाल ही में समिति की ओर से वरिष्ठ वैज्ञानिकों से क्षेत्र का स्वतंत्र अध्ययन कर रिपोर्ट ली गई। जिसमें जोशीमठ में स्थित चट्टानों से छेड़छाड़ न करने, धौली व अलकनंदा नदी के तटबंधों का निर्माण करने व क्षेत्र में तमाम विकास की गतिविधियों को रोकने के लिए कहा गया है। क्षेत्र के व्यापक अध्ययन की बात भी रिपोर्ट में की गई है।  

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