छह सितंबर से गांवों के भ्रमण पर जाएगी मां नंदा, ग्रामीण तैयारियों में जुटे, प्रवासी ग्रामीण भी जुटेंगे–
गोपेश्वरः बारह साल बाद लाता की मां नंदा अपने भक्तों से मिलने के लिए गांव-गांव भ्रमण करेगी। नीती घाटी की आराध्य देवी मां नंदा बारह वर्षों बाद दिवारा भ्रमण पर जाएगी। माता की डोली छह सितंबर से घाटी के गांवों का भ्रमण के लिए निकलेगी। इसके लिए मंदिर समिति के साथ ही स्थानीय ग्रामीण तैयारियों में जुटे हैं। अपनी ईष्ट देवी का आशीर्वाद पाने के लिए कई प्रवासी ग्रामीण भी अपने गांवों को आने का कार्यक्रम बना रहे हैं।
लाता गांव के मंदिर में छह सितंबर को मां नंदा की डोली गर्भगृह से बाहर निकाली जाएगी, इसी दिन माता की डोली रात्रि प्रवास के लिए तोलमा गांव जाएगी। इसके बाद फाक्ती, जुम्मा, कागा, द्रोणागिरी, गरपक, सेंगला-जेलम, जेलम-कोठार, कोषा, मलारी, कैलाशपुर, फरकिया, बांपा और गमशाली गांव होते हुए देश के अंतिम गांव नीती पहुंचेगी। यहां एक दिन माता की डोली प्रवास करेगी और गांव में विशेष पूजाएं आयोजित होंगी। गांव में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा।
अधिक पैदल दूरी होने के कारण मलारी, जेलम और नीती गांव में माता की डोली एक-एक दिन के प्रवास पर रहेगी। इसके बाद लोंग, सुकी भलगांव में भक्तों की कुशलक्षेम पूछने के बाद माता की डोली अपने मंदिर में विराजमान हो जाएगी। जेलम गांव के आनंद सिंह बुटोला ने बताया कि मां नंदा के दिवारा भ्रमण से ग्रामीणों में उत्साह है। लोग इन दिनों अपने मकानों के रंग-रोगन और आम रास्तों की साफ-सफाई में लगे हुए हैं। अपनी आराध्य देवी से मिलने के लिए मैदान क्षेत्रों में रह रहे ग्रामीण भी अपने गांवों को आने का कार्यक्रम बना रहे हैं।

