आस्थाः पहली बार बंड क्षेत्र के गांव-गांव पहुंची मां नंदा राजराजेश्वरी की डोली–
ग्रामीणों ने किया अपनी आराध्य देवी का फूल-मालाओं से स्वागत, यह है मान्यता–
पीपलकोटीः पहली बार सिद्घपीठ कुरुड़ से बंड क्षेत्र की आराध्य देवी मां नंदा राजराजेश्वरी भी कैलाश के लिए रवाना हुई। सोमवार को डोली बंड क्षेत्र में पहुंची। मंगलवार को डोली बंड क्षेत्र के बाटुला, मायापुर होते हुए रात्रि प्रवास के लिए दिगोली गांव पहुंच गई है। यहां देवी भक्तों ने डोली का फूल-मालाओं से स्वागत किया। ध्याणियों और महिलाओं ने मां नंदा को श्रृंगार सामग्री के साथ ही ककड़ी, मुंगरी, गोदड़ी आदि भेंट किए।
मंगलवार को बाटुला गांव में सुबह से ही मां नंदा राजराजेश्वरी की विशेष पूजाएं आयोजित हुई। पंडित अशोक गौड़, राजेंद्र गौड़, मोतीराम और कमलेश गौड़ ने मां नंदा की शक्ति पूजाएं संपन्न की। डोली के साथ ही मां नंदा की छंतोली भी गांवों में पहुंची है। बुधवार को मां नंदा की डोली रात्रि प्रवास के लिए ल्वांह गांव पहुंचेगी।
देव डोली गडोरा, अगथला, नौरख, पीपलकोटी, मल्ला अगथला गांव में नंदा देवी मंदिर होते हुए रैतोली, कम्यार, किरुली होते हुए 31 अगस्त को बंड भूमियाल मंदिर में प्रवेश करेगी। यहां रात्रि जागरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। तीन सितंबर को डोली नंदा सप्तमी को नरेला बुग्याल पहुंचेगी। यहां मां नंदा की पूजाएं आयोजित की जाएंगी।
इस मौके पर बंड संगठन के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, अजय भंडारी, प्रदीप नेगी, देवेंद्र, धर्मेंद्र रावत, दीपक शाह, सूरज नेगी, विजय प्रसाद मलासी, संगीता नेगी, उमेश सती, उमेश हटवाल, शंंभु प्रसाद सती, अयोध्या प्रसाद हटवाल के साथ ही कई श्रद्घालु मौजूद रहे।

