हर साल सावन संक्रांति पर खोले जाते हैं मंदिर के कपाट, कई गांवों के श्रद्घालु मंदिर में पहुंचे–
जोशीमठः उर्गम घाटी में स्थित भगवान फ्यूंलानारायण मंदिर के कपाट सोमवार को विधि-विधान से बंद कर दिए गए हैं। विभिन्न गांवों से पहुंचे भक्तगणों ने भगवान फ्यूंलानारायण भगवान की पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगी। मंदिर के पुजारी योगंबर सिंह ने भगवान की मूर्ति पर मक्खन का लेप लगाकर पूजा अर्चना की। जिसके बाद स्थानीय फ्यूलयांण ने भगवान का फूलों से श्रृंगार किया गया, दोपहर बाद विधि-विधान से मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के समय भर्की, भेंटा, अरोसी, ग्वाणा, पिलखी सहित आस पास के गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
जनदेश सामाजिक संस्था के सचिव व पूर्व ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह नेगी ने बताया कि अगले वर्ष श्रावण मास की संक्रांति पर ही मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद भगवान की चल विग्रह मूर्ति भर्की गांव लाई गई, जहां शीतकाल में भगवान की पूजा होती रहेगी। इस दौरान ग्रामीणों ने भगवान नारायण और मां नंदा, सनूल देवी को हलवा और पूरी का प्रसाद चढ़ाया। कपाट बंद होने के दौरान मेला कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन फरस्वाण, प्रधान भर्की मंजू देवी, सरपंच सुरेंद्र सिंह, रघुवीर सिंह, देवेंद्र चौहान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

