हरिद्वार में हुआ अंतिम संस्कार, जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक, बेहद मिलनसार, हंसमुख स्वभाव के थे स्वर्गीय रावत–
गोपेश्वर (चमोली): लंबी बीमारी के बाद अपर सचिव हरक सिंह का निधन हो गया है। वे 52 साल के थे। उनके निधन से चमोली जनपद में शोक की लहर दौड़पड़ी है। हरक सिंह ने निरंजनपुर स्थित आवास पर शनिवार रात को अंतिम सांस ली। उनके निधन पर जनपद के जनप्रतिनिधियों ने शोक जताया है। मूल रुप से चमोली जनपद के द्रोणागिरी गांव के हरक सिंंह का अंतिम संस्कार हरिद्वार में किया गया। बेहद मिलनसार, हंसमुख और सबके साथ शालीनता के साथ व्यवहार करने वाले स्वर्गीय हरक सिंह ने अपर आयुक्त गढ़वाल समेत शासन में कई जिम्मेदारी संभाली और उनका ईमानदारी के साथ निर्वहन किया।
उनका इलाज दिल्ली और मुंबई में भी चला, लेकिन वे जिंदगी की जंग हार गए। शोकाकुल परिवार में उनके भाई गोपाल सिंह रावत सीआईएसएफ में हैं। दो अन्य भाई नरेंद्र सिंह रावत और सुरेंद्र सिंह रावत हैं। स्वर्गीय हरक सिंह के एक बेटा और एक बेटी हैं।
कागा गांव के ग्राम प्रधान व प्रधान संघ के जिला महामंत्री पुष्कर सिंह राणा, नीती-माणा घाटी कल्याण समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत फरकिया, महामंत्री ललित पाल, प्रो. नंदन सिंह रावत, शिक्षक बैशाख सिंह रावत, कीरत भंडारी, धीरेंद्र गरोड़िया, श्रीदेव विवि के पूर्व कुलपति प्रो. उदय सिंह रावत, लाता नंदा देवी मंदिर समिति नीती घाटी के अध्यक्ष डॉ. मान सिंह राणा, ठाकुर सिंह राणा, सामाजिक कार्यकर्ता राम सिंह राणा, भाजपा जनजाति मोर्चे के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, नंदी राणा आदि ने शोक जताया है।


