चमोली: आदर्श विद्या मंदिर कोठियालसैंण में आयोजित हुआ गढ़वाली बोली में पहली बार चक्रव्यूह का मंचन–

by | Mar 15, 2026 | चमोली, संस्कृति | 0 comments

मंत्रमुग्ध हुए दर्शक, बारिश थमने के बाद उमड़ी भीड़, छात्र-छात्राओं ने किया जीवंत अ​भिनय–

गोपेश्वर, 15 मार्च 2026: केदार घाटी मंडाण समिति की ओर से रविवार को आदर्श विद्या मंदिर कोठियालसैंण में जब गढ़वाली बोली में चक्रव्यूह का मंचन किया गया तो छात्र-छात्राओं के जीवंत अ​भिनय को देख दर्शक भी मंत्रमुग्ध हो गए। शाम तक दर्शक चक्रव्यूह मंचन को देखने के लिए अपनी कुर्सियों में डटे रहे। पहली बार छात्र-छात्राओं की ओर से गढ़वाली बोली में चक्रव्यूह का मंचन किया गया।

समिति के अध्यक्ष व संस्थापक आचार्य डॉ. कृष्णानंद नौटियाल के निर्देशन और डॉ. नरेंद्र रौथाण के डायरेक्शन में आयोजित मंचन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। डॉ. कृष्णानंद नौटियाल ने कहा कि नई पीढ़ी को गढ़वाली चक्रव्यूह की विद्या सिखाने व उन्हें अपने रीति-रिवाज, परंपरा और बोली-भाषा के संरक्षण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया है।

उन्होंने कहा कि चमोली जनपद के ही पोखरी ब्लॉक में सबसे पहले महिलाओं की ओर से चक्रव्यूह का मंंचन किया गया, जो आज संपूर्ण भारत में प्रसिद्ध हो गया है।

कार्यक्रम का शुभारंभ सामाजिक सरोकारों से जुड़ी यशोदा कुंवर और गीता बिष्ट ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पहली बार आयोजित हुए गढ़वाली मंचन में छात्र-छात्राओं ने अपनी कला का बेहतर प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रधानाचार्य कालिका प्रसाद सेमवाल, आरएसएस के संघ चालक राजेंद्र पंत, धीरेंद्र गरोड़िया आदि मौजूद रहे। संचालन योगाचार्य रघुवीर बर्त्वाल ने किया। राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष केके डिमरी औेर प्रधान संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष मोहन नेगी ने कहा कि ऐसा मंचन पहले कभी नहीं देखा। स्कूली छात्र-छात्राओं ने पांडव और कौरव दल का जीवंत अ​भिनय किया। नि​श्चितरुप से आज की युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति को अपना रही है। युवाओं को इसके लिए और अ​धिक प्रेरित करने की जरुरत है।

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