यज्ञ के लिए अरणी मंथन से प्रज्ज्वलित की गई आग, 28 को पूर्णाहूति के बाद मंदिर में विराजमान होगी वरदायनी माता अनसूया–
गोपेश्वर, 19 अप्रैल 2026: खल्ला गांव में स्थित माता अनसूया मंदिर में रविवार से लक्ष महायज्ञ और श्रीमद देवी भागवत कथा का शुभारंभ भव्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ। यह आयोजन छह माह तक चली दिवारा भ्रमण यात्रा के समापन के बाद विधि-विधान से प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं द्वारा निकाली गई भव्य जल कलश यात्रा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
यज्ञ की विशेषता यह रही कि इसमें प्राचीन वैदिक परंपरा के अनुसार अरणी मंथन के माध्यम से अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस विधि से उत्पन्न अग्नि अत्यंत पवित्र और शुभ मानी जाती है। अग्नि प्रज्वलन के बाद माता अनसूया और कठूड़ गांव की ज्वाला देवी की डोलियों ने यज्ञ कुंड की परिक्रमा की, जिससे पूरे वातावरण में भक्तिमय ऊर्जा का संचार हुआ।
इस अवसर पर बाला त्रिपुरा सुंदरी मंदिर से चलकर दोनों देव डोलियां यज्ञ स्थल तक पहुंचीं और विधिवत प्रतिष्ठापित की गईं। जैसे ही यज्ञ अग्नि प्रज्वलित हुई, श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ पूरे क्षेत्र को गूंजायमान कर दिया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लक्ष महायज्ञ का शुभारंभ किया गया।

यज्ञ से पूर्व व्यास आचार्य पंडित मनोज चमोली को विधिवत गद्दी पर आसीन किया गया। वहीं यज्ञाचार्य डॉ. चंद्रशेखर तिवारी और पंडित राकेश तिवारी ने पूरे धार्मिक अनुष्ठान का संचालन किया। व्यास आचार्य ने श्रीमद देवी भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसके श्रवण की विधि और माता अनसूया के विभिन्न दिव्य स्वरूपों की महिमा का विस्तार से वर्णन किया।
यह धार्मिक आयोजन 28 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें पूर्णाहुति के बाद माता अनसूया की डोली भक्तों को आशीर्वाद देकर पुनः अपने मंदिर में विराजमान हो जाएगी। इस अवसर पर यात्रा समिति के अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह नेगी, धर्मस्व एवं ग्राम समिति के अध्यक्ष अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


