टीईटी की बाध्यता खत्म करने व पुरानी पेंशन लागू करने का मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन–
गोपेश्वर, 10 जुलाई 2026: उत्तरांचल प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को प्राथमिक शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर तहसील एवं खंड शिक्षाधिकारी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किए गए।
दशोली शाखा ने तहसील चमोली परिसर में तथा पोखरी शाखा ने खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 लागू होने से पहले नियमानुसार नियुक्त शिक्षकों पर बाद में लागू किए गए टीईटी के प्रावधान लागू करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
उन्होंने कहा कि यदि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के कारण टीईटी की अनिवार्यता प्रभावी है, तो राज्य सरकार को केंद्र सरकार के समक्ष आवश्यक विधायी संशोधन की अनुशंसा करनी चाहिए, ताकि वर्ष 2009 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से विधिसम्मत छूट मिल सके।
चमोली तहसील में आयोजित प्रदर्शन में शाखा अध्यक्ष विक्रम झिंक्वाण, कोषाध्यक्ष कैलाश पंत और शाखा मंत्री सुमित्रा फरस्वाण सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे। वहीं पोखरी में ब्लॉक अध्यक्ष ताजबर राणा, महामंत्री विजय सिमल्टी, कोषाध्यक्ष रघुवीर नेगी, डॉ. बृजेंद्र कठैत तथा अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रदर्शन में भाग लिया।

