आस्था: छह माह ननिहाल में रहने के बाद अपने सिद्धपीठ कुरुड़ में विराजमान हुई मां नंदा–

आस्था: छह माह ननिहाल में रहने के बाद अपने सिद्धपीठ कुरुड़ में विराजमान हुई मां नंदा–

सैकड़ों भक्तों ने किए मां नंदा के दर्शन, मनौतियां मांगी, 25 दिसंबर को देवराड़ा मंदिर से किया था डोली ने प्रस्थान-- नंदानगर (चमोली), 13 जनवरी 2026: छह माह तक अपने ननिहाल देवराड़ा में रहने के बाद मंगलवार को मां नंदा सिद्धपीठ कुरुड़ में ​स्थित अपने मंदिर में विराजमान हो...

नंदा देवी मंदिर जीर्णोद्धार के लिए इस परिवार ने दिया पांच लाख रुपये का दान–

नंदा देवी मंदिर जीर्णोद्धार के लिए इस परिवार ने दिया पांच लाख रुपये का दान–

मां नंदा के पौराणिक मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए मंदिर समिति को सौंपी धनराशि-- पीपलकोटी। दशोली ब्लॉक के बंड क्षेत्र में मां नंदा देवी के पौराणिक मंदिर के जीर्णोद्धार और गर्भगृह निर्माण के लिए रैतोली गांव के सामाजिक कार्यकर्ता और सनातन धर्म के जानकार जानकी प्रसाद...

पांडव परिवार ने बालखिला और वीर गंगा के संगम पर किया पवित्र स्नान–

पांडव परिवार ने बालखिला और वीर गंगा के संगम पर किया पवित्र स्नान–

देवलधार गांव में इन दिनों मची पांडव नृत्य की धूम--  चमोली। गोपेश्वर जिला मुख्यालय के समीप स्थित देवलधार गांव में इन दिनों पांडव नृत्य की धूम मची है। शनिवार को पांडव परिवार ने भगवान श्रीकृष्ण के साथ बालखिला और वीर गंगा के संगम पर पवित्र स्नान किया। इस दौरान पांडव पश्वा...

रुद्रप्रयाग के नारी गांव में चक्रव्यूह मंचन, कौरवों ने अभिमन्यु को छल से मारा, पांडव नृत्य देख मंत्रमुग्ध हुए भक्तगण–

रुद्रप्रयाग के नारी गांव में चक्रव्यूह मंचन, कौरवों ने अभिमन्यु को छल से मारा, पांडव नृत्य देख मंत्रमुग्ध हुए भक्तगण–

 रुद्रप्रयाग। रूद्रप्रयाग जनपद के गांवों में ग्रामीणा आज भी सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते आ रहे हैं। यहां गांव-गांव में पांडव नृत्य का आयोजन किया जाता है। इस दौरान ढोल-दमाऊं की थाप पर पांडव परिवार अद्भुत नृत्य करते हैं। तल्लानागपुर के नारी गांव में...

मंगरोली गांव में सौ साल पुराना पीपल का पेड़ टूटा तो, ग्रामीणों की आस्था पर लगी गहरी चोट–

मंगरोली गांव में सौ साल पुराना पीपल का पेड़ टूटा तो, ग्रामीणों की आस्था पर लगी गहरी चोट–

चमोली। नंदप्रयाग नगर पंचायत के अंतर्गत मंगरोली गांव में भूमियाल देवता के समीप लंबी उम्र का एक पीपल का पेड़ बीते जुलाई माह में बरसात में टूट गया। इस पेड़ की उम्र करीब सौ साल बताई जा रही है। पेड़ के टूटने से भूमियाल देवता के मंदिर तक जाने वाला रास्ता, जो आम रास्ता भी...

ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हुए भगवान मद्महेश्वर–

ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हुए भगवान मद्महेश्वर–

छह माह तक यहीं होगी भगवान मद्महेश्वर की शीतकालीन पूजा, हजारों श्रद्धालुओं ने किए अपने आराध्य के दर्शन-- ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की अब शीतकाल में छह माह तक पूजा अर्चना ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में होगी। बृहस्पतिवार को सैकड़ों भक्तों के साथ भगवान...

बर्फबारी के बीच बदरीनाथ में 11 साधु करेंगे तपस्या–

बर्फबारी के बीच बदरीनाथ में 11 साधु करेंगे तपस्या–

जोशीमठ प्रशासन ने जांच पड़ताल के बाद दी छह माह तक साधुओं को धाम में रहने की अनुमति--जोशीमठ। शीतकाल में जिस बदरीनाथ धाम में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ती है, वहां साधु-संत छह माह तक तपस्या में लीन रहेंगे। साधु-संतों को बदरीनाथ धाम में रहने की अनुमति प्रशासन की ओर से दी...

पाडुली गांव में ढोल-दमाऊं की थाप पर नृत्य कर रहे पांडव परिवार, भक्तों ने मांगी मनौतियां–

पाडुली गांव में ढोल-दमाऊं की थाप पर नृत्य कर रहे पांडव परिवार, भक्तों ने मांगी मनौतियां–

गोपेश्वर। नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत पाडुली गांव में इन दिनों पांडव नृत्य की धूम मची है। पांडव परिवार प्रतिदिन ढोल-दमाऊं की थाप पर अद्भुत नृत्य कर रहे हैं। 25 नवंबर को नृत्य के दौरान गैंडी कोथिग का आयोजन किया जाएगा। 26 को जलयात्रा और 27 को आयोजन का समापन होगा।...

द्वितीय केदार मदमहेश्वर के कपाट भी हुए बंद, शीतकाल में सभी धामों के कपाट हुए बंद–

द्वितीय केदार मदमहेश्वर के कपाट भी हुए बंद, शीतकाल में सभी धामों के कपाट हुए बंद–

उखीमठ। पंच केदारों में द्वितीय ‌केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट सोमवार को विधि-विधान से सुबह साढ़े आठ बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। अब छह माह तक भगवान मद्महेश्वर के दर्शन ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में होंगे। उखीमठ में केदारनाथ की उत्सव डोली भी पहुंचती है।...

शीतकाल में छह माह के लिए बंद हुए बदरीनाथ धाम के कपाट, गूंजे जय बदरीविशाल के जयकारे, पढ़ें, इस बार कितने तीर्थयात्रियों ने किए चारधामों के दर्शन–

शीतकाल में छह माह के लिए बंद हुए बदरीनाथ धाम के कपाट, गूंजे जय बदरीविशाल के जयकारे, पढ़ें, इस बार कितने तीर्थयात्रियों ने किए चारधामों के दर्शन–

   गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम के कपाट 20 नवंबर को शुभ मुहुर्त में देर शाम 6 बजकर 45 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। कपाट बंद होने पर बदरीनाथ धाम में पहुंचे तीर्थयात्रियों ने जय ‌बदरीविशाल के जयकारे लगाए। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने से पूर्व शनिवार को...

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