चमोली। नंदप्रयाग नगर पंचायत के अंतर्गत मंगरोली गांव में भूमियाल देवता के समीप लंबी उम्र का एक पीपल का पेड़ बीते जुलाई माह में बरसात में टूट गया। इस पेड़ की उम्र करीब सौ साल बताई जा रही है। पेड़ के टूटने से भूमियाल देवता के मंदिर तक जाने वाला रास्ता, जो आम रास्ता भी है, बंद हो गया। ग्रामीणों की इस पीपल के पेड़ में गहरी आस्था थी। ग्रामीणों ने कई बार नगर पंचायत नंदप्रयाग के अधिकारियों से भी पेड़ के अवशेषों को हटाने की मांग की, लेकिन नगर पंचायत ने ग्रामीणों की नहीं सुनी। अब ग्रामीण स् स्वयं ही श्रमदान कर पेड़ के अवशेषों को हटाने में लगे हुए हैं। पूर्व ग्राम प्रधान तेजवीर कंडेरी, गुड्डू राजा, विपिन कंडेरी, आनंद कंडेरी, आनंद झिंक्वाण, महिला मंगल दल अध्यक्ष सुशीला देवी, अंकित कंडेरी, ताजबर कंडेरी, बलदेव फरस्वाण, दीपक भंडारी, राहुल कंडेरी का कहना है कि यह पीपल का पेड़ उनकी आस्था से जुड़ा हुआ था। भूमियाल देवता के मंदिर के समीप ही यह पवित्र पेड़ बरसात में टूट गया है। जब नगर पंचायत नंदप्रयाग से कई बार कहने पर भी पेड़ के मलबे को नहीं हटाया गया तो अब ग्रामीण स्वयं ही श्रमदान कर पेड़ को हटा रहे हैं।
मंगरोली गांव में सौ साल पुराना पीपल का पेड़ टूटा तो, ग्रामीणों की आस्था पर लगी गहरी चोट–
by laxmi Purohit | Nov 28, 2021 | आस्था, चमोली | 0 comments

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