दुश्साहस: दिल्ली के बुराड़ी में प्रतीकात्मक केदारनाथ मंदिर नहीं खुली है चंदे की दुकान–

by | Jul 14, 2024 | नई दिल्ली, ब्रेकिंग | 0 comments

केदारनाथ मंदिर निर्माण के नाम पर जमकर लिया जा रहा चंदा, वायरल हो रहा एक पोस्टर, जिससे उबाल में उत्तराखंड, पढ़ें चंदा की कहानी–

अमर हिमालय ब्यूरो: दिल्ली में निर्मित हो रहे केदारनाथ के प्रतीकात्मक मंदिर पर उत्तराखंड आक्रोश और गुस्से में है। केदारना​थ धाम के साथ ही जगह-जगह धरना-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। दिल्ली के बुराड़ी में केदारनाथ मंदिर नहीं ब​ल्कि चंदे की दुकान खुली है। उत्तराखंड मूल के सुरेंद्र रौतेला की ओर से बुराड़ी में केदारना​थ का प्रतीकात्मक मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। बुराड़ी में निर्मित हो रहे केदारनाथ मंदिर के निर्माण का एक पोस्टल इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। यह पोस्टर हर किसी के मोबाइल फोन में तैर रहा है। बताया जा रहा है कि मंदिर निर्माण के पीछे बड़ीधनरा​शि को अर्जित करना है।

जो पोस्टर तैयार किया गया है, उससे लगता है सुरेंद्र रौतेला की मंशा साफ लग रही है, कि यह आस्था के लिए नहीं बल्कि व्यापार के लिए केदारनाथ मंदिर के प्रतीकात्मक रूप की स्थापना दिल्ली में कर रहें हैं। जारी टैरिफ़ पोस्टर में स्पष्ट हैं कि किस तरह केदारनाथ के प्रतीकात्मक मंदिर का ट्रस्टी बनाने को लेकर लाखों रुपये की फ़ीस रखी गई हैं, जोकि एक लाख से लेकर तीन लाख तक पहुंच रही है, यही नहीं पोस्टर में यह भी लिखा गया हैं कि किसी भी धर्म के लोग ट्रस्टी बन सकते हैं,

लेकिन हद तो तब हो गई जब पोस्टर में देखने को मिला कि फूलों की दुकान और प्रसाद की दुकानें भी मंदिर का ही ठेकेदार बना कर देगा, और घर, मकान, दुकान, व्यवसाय के लिए विशेष धागा बांधने की सुविधा भी मंदिर में अलग से रहेंगी। सुरेंद्र रौतेला जी के पास और भी कई ऑफ़र हैं, लेकिन यह ऑफर बिज़नेस तक ही ठीक लगते हैं, धर्म के साथ नहीं, उत्तराखंड सरकार को इस संबंध में कड़ा कदम उठाना चाहिए। इधर, केदारनाथ धाम के साथ ही रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, श्रीनगर, उत्तरकाशी, नई टिहरी में लोग इस मंदिर निर्माण के विरोध में धरना-प्रदर्शन पर उतारु हैं।

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