जोशीमठ। चीन सीमा क्षेत्र में स्थित नीती घाटी में एक के बाद एक आपदा घटित होने के बाद अब घाटी के ग्रामीण दाणी देवता की शरण में चले गए हैं। ग्रामीणों ने दाणी देवता की भव्य पूजा अर्चना करने का निर्णय लिया है। नीती घाटी में 7 फरवरी को ग्लेशियर टूटने से ऋषि गंगा में बाढ़ आ गई थी। इसी दिन से नीती घाटी में दैवी आपदा की शुरूआत भी हुई। यहां रैणी में काली माता का मंदिर को भी नुकसान हो गया था। मलारी हाईवे भी तहस-नहस हो गया था। कुछ माह बाद स्थिति सुधरी तो चीन सीमा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से कई मजदूर बर्फ में दब गए। इसके बाद सुरांईथोटा और तमक गांव के बीच चट्टान से पत्थर और मलबे की बरसात शुरू हो गई, जिससे घाटी के ग्रामीणों की आवाजाही ही रुक गई। 15 दिनों तक ग्रामीण अपने घरों में ही कैद होकर रह गए थे। बताया जा रहा है कि तमक गांव के समीप जिस चट्टान से भूस्खलन हुआ वहीं आसपास दाणी देवता का मंदिर भी है। अब ग्रामीण दाणी देवता को मनाने के लिए भव्य पूजा अर्चना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने क्षेत्र के देवी देवताओं से भी आपदा से छुटकारा देने की मनौतियां मांगी हैं।
अब दाणी देवता की शरण में नीती घाटी के ग्रामीण, यह है वजह–
by laxmi Purohit | Sep 8, 2021 | आस्था, चमोली | 0 comments

Latest News
बच्चों के साथ केक काटा, आत्मीयता से मिले और साझा की जन्म दिवस की खुशियां-- देहरादून, 16 सितंबर 2026:...
दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी के निरीक्षण भवनों को लीज पर देने की आशंका जताई, रक्षा सूत्र बांधकर...
कनोल गांव में दो दिन रहा मां नंदा का प्रवास, नंदाभक्तों के लिए ग्रामीणों ने की निशुल्क भोजन व रहने...
नंदा बड़ी जात में आस्था का सैलाब, 40 से अधिक छंतोलियां और देव डोलियां होंगी शामिल-- नंदानगर (चमोली)...
टीकाकरण के साथ मक्खी-मच्छर और किलनी से बचाव की सलाह, संक्रमित पशुओं को अलग रखने पर जोर गोपेश्वर।...
दो हजार से अधिक श्रद्धालु मां नंदा की जात में हो रहे शामिल, दुर्गम पगडंडियों को नापकर आगे बढ़ रहे...
22 हजार से अधिक प्लास्टिक बोतलें और चार हजार से अधिक बैग, रेपर व रेनकोट किए एकत्रित-- ज्योतिर्मठ।...
माणा के ग्रामीणों के साथ तीर्थ यात्रियों ने भी कार्यक्रम में किया प्रतिभाग-- बदरीनाथ। माणा गांव...
तीन दिवसीय प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, ब्लॉक स्तर के विजेता जिला प्रतियोगिता में...
