घास काटने गई लुंतरा गांव की सपना की मौत के बाद रुद्रांस के सिर पर अब न पिता का सहारा, न मां की ममता–
नंदानगर के लुंतरा गांव से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल दहला दिया। महज चार साल का रुद्रांस अब इस दुनिया में बिल्कुल अकेला रह गया है। न पिता का सहारा, न मां की ममता।
रविवार का दिन भी उसके लिए बाकी दिनों जैसा ही था। वह मासूम हर रोज की तरह अपनी मां के जंगल से लौटने का इंतजार कर रहा था। उसे क्या पता था कि जिस मां की राह में उसकी निगाहें टिकी हैं, वह अब कभी लौटकर नहीं आएगी। खाई में गिरने से 25 वर्षीय सपना देवी की मौत हो गई, और इसी के साथ रुद्रांस के सिर से मां का साया भी हमेशा के लिए उठ गया।
रुद्रांस की जिंदगी की त्रासदी यहीं खत्म नहीं होती। उसने अपने पिता को कभी देखा तक नहीं। उसके जन्म से पहले ही, चार साल पहले, उसके पिता राहुल कुमार इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे। यानी इस मासूम ने दुनिया में कदम रखने से पहले ही पिता का साया खो दिया था, और अब मां भी उसे छोड़कर चली गई।
गांव वालों के मुताबिक, रुद्रांस अभी इस सच्चाई से अनजान है। वह बार-बार अपनी मां को पुकारता है, उसकी मासूम आवाज और इंतजार हर किसी की आंखें नम कर देता है। परिवार में अब उसकी दादी, ताऊ और चाचा ही उसका सहारा हैं। दादा का भी पहले ही निधन हो चुका है। यही लोग अब मिलकर इस नन्हीं सी जान की परवरिश कर रहे हैं, लेकिन मां-बाप की कमी को कोई भी पूरी नहीं कर सकता। यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक मासूम की जिंदगी में ऐसा खालीपन छोड़ गई है, जिसे भर पाना शायद कभी संभव नहीं होगा। बता दें कि रविवार को घास लेने तल्ला सारी तोक के भनतालतोक में गई लुंतरा गांव की करीब 25 साल की सपना देवी पत्नी स्व. राहुल कुमार गहरी खाई में जा गिरी। साथ में गई महिलाओं ने ग्रामीणों को इसकी सूचना दी।
ग्रामीणों ने महिला को खाई से बाहर निकाला और सीएचसी नंदानगर ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल गोपेश्वर में सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पैतृक घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। महिला की मौत से लुंतरा गांव सहित आस पास के गांवों में शोक का माहौल है।


