पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने पेंशन हुंकार रैली के लिए किया व्यापक प्रचार-प्रसार–
कर्णप्रयाग, 09 मई 2026: 24 मई को आयोजित होने वाली पेंशन हुंकार रैली को लेकर शनिवार को राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा पदाधिकारियों ने एक बैठक आयोजित की और रणनीति पर विचार किया। इस दौरान राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। इसी क्रम में गोपेश्वर में उत्तराखण्ड कांग्रेस प्रभारी एवं नेता प्रतिपक्ष को पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सतीश कुमार, महासचिव दिनेश चंद्र नेगी, कोषाध्यक्ष जगत सिंह फरस्वाण सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। उपस्थित पदाधिकारियों ने विपक्ष के सम्मुख पुरजोर तरीके से पुरानी पेंशन बहाली की मांग रखी। इस दौरान कुमारी शैलजा ने कहा कि यदि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो उत्तराखंड में भी पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किया जाएगा, जैसा कि एवं में किया गया है।

जिलाध्यक्ष सतीश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखण्ड लगातार पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्ष कर रहा है। हमारी केवल और केवल एक ही मांग है कि सरकार अविलंब पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करे। उन्होंने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती, तब तक सभी कर्मचारी संघर्षरत रहेंगे तथा अपने अधिकारों की लड़ाई निरंतर लड़ते रहेंगे। साथ ही उन्होंने सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों से 24 मई 2026 की पेंशन हुंकार रैली में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करने का आह्वान किया।
महासचिव दिनेश चंद्र नेगी ने कहा कि जब एक दिन का विधायक और सांसद बनने पर पेंशन मिल सकती है, तो 35-40 वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन से वंचित क्यों रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए आगामी विधानसभा चुनाव तक लगातार आंदोलनरत रहेंगे तथा सभी शिक्षक-कर्मचारियों से 24 मई की रैली को सफल बनाने हेतु बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की।
कोषाध्यक्ष जगत सिंह फरस्वाण ने सभी साथियों से एकजुट होकर 24 मई 2026 को आयोजित पेंशन हुंकार रैली में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि एकता ही कर्मचारियों की सबसे बड़ी ताकत है।

