जय केदार: केदारनाथ धाम की तीर्थयात्रा का चल रहा सफल और सुव्यव​स्थित संचालन–

by | May 14, 2026 | चारधाम, रूद्रप्रयाग | 0 comments

श्री केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक ने की पत्रकार वार्ता–

रुद्रप्रयाग, 14 मई 2026: केदारनाथ धाम यात्रा-2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर द्वारा संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित कर यात्रा व्यवस्थाओं एवं अब तक की प्रगति की विस्तृत जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों को दी गई।

जिलाधिकारी ने बताया कि 22 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हुई श्री केदारनाथ धाम यात्रा में अब तक 5 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन हेतु प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग से लेकर धाम तक विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं, जिससे यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो रही है।

स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को ओपीडी एवं इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया जा चुका है, जबकि 51,939 श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई करते हुए हेली रेस्क्यू के माध्यम से 26 श्रद्धालुओं तथा दंडी-कंडी के माध्यम से 70 यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उच्च चिकित्सालयों तक पहुंचाया गया है।

स्वच्छता व्यवस्थाओं पर जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जिला पंचायत, नगर पालिका, नगर पंचायत एवं सुलभ इंटरनेशनल द्वारा यात्रा मार्ग पर लगातार सफाई अभियान संचालित किया जा रहा है। पैदल यात्रा मार्ग पर 412 पर्यावरण मित्र एवं 30 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त यात्रा मार्ग पर 350 से अधिक शौचालय एवं 600 से अधिक डस्टबिन स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कॉम्पैक्टर मशीनों के माध्यम से कूड़े को वैज्ञानिक निस्तारण एवं रीसाइक्लिंग सुनिश्चित करने हेतु भेजा जा रहा है तथा अब तक 64 टन से अधिक ठोस अपशिष्ट निस्तारण हेतु भेजा जा चुका है।

हेली सेवाओं के संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम प्रतिकूल होने की स्थिति में हेली सेवाओं को अस्थायी रूप से रोका जाता है तथा मौसम अनुकूल होने पर ही संचालन किया जा रहा है। अब तक 18,840 से अधिक श्रद्धालु हेली सेवाओं के माध्यम से बाबा केदार के दर्शन हेतु धाम पहुंचे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि केदारनाथ धाम एवं यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के ठहरने हेतु पर्याप्त आवासीय व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। वहीं पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, संचार एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने हेतु संबंधित विभाग निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं।

यात्रियों की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से लगातार चेकिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। अप्रैल माह में नियमों का उल्लंघन करने वाले 409 वाहनों के चालान किए गए, जिनसे 11.03 लाख रुपये प्रशमन शुल्क वसूला गया। यात्रा मार्ग एवं केदारनाथ क्षेत्र में 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट सहित पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं म्यूल टास्क फोर्स की तैनाती की गई है।

जिलाधिकारी ने बताया कि घोड़ा-खच्चर संचालन को भी व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए लगातार चिकित्सा परीक्षण कराए जा रहे हैं तथा पशुओं हेतु यात्रा मार्ग पर गर्म पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि धाम क्षेत्र एवं यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल एवं आपदा प्रबंधन टीमें तैनात हैं। पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की संयुक्त चेकिंग के साथ-साथ यात्रियों के सामान एवं बैगों की भी गहन जांच की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध सामग्री यात्रा में न लाई जा सके।

उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा यात्रा मार्ग पर 07 खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं। अब तक 180 श्रद्धालुओं को उनके बिछड़े परिजनों से मिलाया गया है। इसके अतिरिक्त 5 खोए हुए मोबाइल फोन तथा 60 पर्स एवं बैग यात्रियों को वापस लौटाए गए हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित प्रशासन की टीमें भी लगातार सक्रिय रहकर यात्रियों को आपात स्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान कर रही हैं।

प्रेस वार्ता के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने हेतु प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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