रैली निकालकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, कलेक्ट्रेट में सीएमओ का घेराव कर उठाई विभिन्न मांगें–
गोपेश्वर, 09 जुलाई 2026: पिछले लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटरों ने बृहस्पतिवार को गोपेश्वर में जोरदार प्रदर्शन किया। दोनों संगठनों ने संयुक्त रूप से रैली निकालकर मुख्यमंत्री को 10 सूत्रीय ज्ञापन भेजा और मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
आशा फैसिलिटेटर एवं कार्यकर्ता संगठन और आशा कार्यकत्री संगठन के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने पोस्ट ऑफिस के पास से रैली शुरू की। रैली बस स्टेशन तिराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। इसी दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे तो आशा कार्यकर्ताओं और फैसिलिटेटरों ने उनका घेराव कर अपनी समस्याएं और मांगें उनके समक्ष रखीं।

आशा फैसिलिटेटरों ने नियमितीकरण की मांग करते हुए प्रतिदिन मिलने वाले 400 रुपये के प्रोत्साहन को बढ़ाकर 1500 रुपये किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के कारण जीपीएस आधारित गूगल फोटो की अनिवार्यता समाप्त की जानी चाहिए। इसके अलावा कार्य के अनुरूप मासिक मानदेय, यात्रा भत्ता, स्टेशनरी भत्ता, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता तथा राज्य प्रोत्साहन राशि दो हजार रुपये से बढ़ाकर पांच हजार रुपये करने की मांग भी उठाई।
वहीं आशा कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और मासिक वेतन 18 हजार रुपये निर्धारित करने की मांग की। उन्होंने दुर्घटना बीमा की राशि पांच लाख रुपये करने, कार्यकर्ता की मृत्यु पर परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने, अनुभवी आशाओं को टीकाकरण का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा योग्यता के आधार पर एएनएम पद पर पदोन्नति का अवसर देने की मांग की। साथ ही पल्स पोलियो अभियान में पिछले 15 वर्षों से मिल रहे 150 रुपये प्रतिदिन के मानदेय को बढ़ाकर 800 रुपये प्रतिदिन किए जाने की मांग भी रखी।
प्रदर्शन में आशा फैसिलिटेटर संगठन की अध्यक्ष किरन बिष्ट, सचिव मोनिका रौतेला, गीता गौड़, देवेश्वरी बिष्ट, पूनम गौड़, कुसुम नेगी, अनीता मैठाणी और सुनीता सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। वहीं आशा कार्यकर्ताओं की ओर से अध्यक्ष बसंती, नीमा बिष्ट, हेमा बिष्ट, मीना, आशा और सरोजनी भंडारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहीं।

