धराली आपदा के एक वर्ष बाद: राहत से पुनर्वास तक बदली तस्वीर, सरकार ने पुनर्निर्माण पर झोंकी ताकत–

by | Aug 4, 2026 | आपदा, उत्तरकाशी | 0 comments

मृतकों के आश्रितों, बेघर परिवारों, किसानों, बागवानों और कारोबारियों को करोड़ों की सहायता, आधारभूत सुविधाओं के पुनर्निर्माण का कार्य जारी–

उत्तरकाशी, 04 अगस्त 2026: धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई विनाशकारी आपदा को एक वर्ष पूरा होने पर राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों ने नया स्वरूप ले लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन और जिला प्रशासन की निगरानी में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास और आधारभूत सुविधाओं की बहाली का कार्य लगातार जारी है।

आपदा में मृतकों के आश्रितों को एसडीआरएफ और मुख्यमंत्री राहत कोष से कुल पांच-पांच लाख रुपये की सहायता दी गई। शासन की गाइडलाइन के अनुसार 19 लापता लोगों को मृत घोषित कर उनके आश्रितों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई। 18 घायलों को नियमानुसार राहत राशि दी गई, जबकि पूरी तरह क्षतिग्रस्त 115 मकानों के स्वामियों को पांच-पांच लाख रुपये की दर से कुल 5.75 करोड़ रुपये वितरित किए गए। बेघर हुए परिवारों को छह माह तक चार हजार रुपये प्रतिमाह किराया सहायता भी उपलब्ध कराई गई।

व्यापारिक गतिविधियों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए होटल और दुकान संचालकों को मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दी गई। अब तक होटल स्वामियों को 6.83 करोड़ रुपये से अधिक वितरित किए जा चुके हैं।

सिंचाई विभाग ने करीब 3.85 करोड़ रुपये की लागत से भागीरथी, खीर गाड़ और तेल गाड़ में चैनलाइजेशन, तट सुरक्षा, मलबा हटाने और सुरक्षात्मक दीवारों सहित 15 कार्य स्वीकृत किए, जिनमें अधिकांश पूरे हो चुके हैं।

उद्यान विभाग ने 2.34 करोड़ रुपये की योजनाओं के तहत 256.83 मीट्रिक टन सेब खरीदकर 1.15 करोड़ रुपये सीधे बागवानों के खातों में भेजे। किसानों को बॉक्स, प्लास्टिक क्रेट, सब्जी बीज, फल पौधे, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री अनुदान पर उपलब्ध कराई गई।

लोक निर्माण विभाग ने 88.25 लाख रुपये की लागत से धराली पुल, हर्षिल मोटर मार्ग और वैकल्पिक संपर्क मार्गों का निर्माण एवं मरम्मत कार्य पूरा कर आवागमन सुचारु किया। कृषि विभाग ने 274 किसानों को कृषि यंत्र और कृषि निवेश सामग्री उपलब्ध कराई, जबकि पशुपालन विभाग ने पशुधन क्षति पर 10.94 लाख रुपये की सहायता दी तथा आजीविका योजनाओं का लाभ भी दिया।

इसके अलावा यूरेडा, वन विभाग, विद्युत, पर्यटन, शिक्षा, खाद्य आपूर्ति, ग्राम्य विकास और अन्य विभागों ने भी करोड़ों रुपये की योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में पुनर्निर्माण और विकास कार्यों को गति दी है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। पुनर्वास का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों का जीवन सामान्य बनाते हुए धराली क्षेत्र का सुरक्षित और स्थायी पुनर्निर्माण सुनिश्चित करना है।

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