स्थानीय मीडिया को सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए तथ्यपरक एवं सकारात्मक पत्रकारिता का किया आह्वान–
गोपेश्वर, 20 अगस्त 2026: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी), देहरादून की ओर से सीमांत जनपद चमोली में ‘वार्तालाप’ एवं क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने और मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पालिका अध्यक्ष गोपेश्वर संदीप रावत, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, प्रेस क्लब संरक्षक क्रांति भट्ट और पीआईबी के सहायक निदेशक संजीव सुन्द्रियाल ने किया।
मुख्य अतिथि दौलत सिंह बिष्ट ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम जनपद की बेहतरी के लिए उपयोगी हैं। उन्होंने ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम ब्लॉक स्तर पर आयोजित करने की जरूरत बताई, ताकि योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। संदीप रावत ने कहा कि प्रचार-प्रसार के अभाव में कई लोग योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। मीडिया के सहयोग से यह जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जा सकती है।
वरिष्ठ पत्रकार क्रांति भट्ट ने जनपद में पत्रकारिता की चुनौतियों और भूमिका पर प्रकाश डाला। सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने सकारात्मक एवं जनहितकारी पत्रकारिता की सराहना की। एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने नशामुक्त भारत अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि 140 नारकोटिक्स किट वितरित किए गए हैं।
डीएम गौरव कुमार ने पीआईबी की ओर से विश्वसनीय एवं तथ्यपरक सूचनाओं के प्रसार के प्रयासों की सराहना की। सीएमओ डॉ. राजीव सिंह पाल ने स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को राहगीर योजना के तहत 25 हजार रुपये तक पुरस्कार दिया जाता है।
कार्यशाला में खाद्य पूर्ति अधिकारी अंकित पांडेय ने ई-20 पेट्रोल, जिला कार्यक्रम अधिकारी हिमांशु बडोला ने नंदा गौरा योजना, मत्स्य विभाग के नितेश कुमार चंद्र ने ट्राउट उत्पादन, समाज कल्याण अधिकारी धनंजय लिंगवाल ने नशामुक्ति कार्यक्रम तथा जिला उद्यान अधिकारी नितेन्द्र सिंह ने जीआई टैग, मशरूम और कीवी उत्पादन की जानकारी दी।
पीआईबी सहायक निदेशक संजीव सुन्द्रियाल ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य प्रमाणिक जानकारी को मीडिया के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक पहुंचाना है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों और संस्कृति को पहचान दिलाने तथा पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

