नीरजा पंवार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वर्चुअल माध्यम से किया संवाद, स्वरोजगार के कार्य गिनाए —
गोपेश्वर, 24 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से कलेक्ट्रेट परिसर गोपेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं द्वारा स्थानीय स्तर पर किए जा रहे स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन के कार्यों की जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम में नीरजा पंवार ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने अपने सिलाई सेंटर के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को हुनरमंद बनाने की पहल की है। एनआरएलएम के तहत अब तक 15 से 20 महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया है, जिसके बाद ये महिलाएं उनके सेंटर से जुड़कर कार्य कर रही हैं और अपनी आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं को सिलाई तक सीमित न रखते हुए रक्षाबंधन के लिए राखियां, बिजंती की माला तथा पिरूल से विभिन्न उत्पाद तैयार करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। उनके सेंटर से जुड़ी महिलाओं द्वारा अब तक करीब 15 से 20 हजार राखियों की बिक्री की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं अचार, जूस, जेली बनाने के साथ ही मधुमक्खी पालन का कार्य भी कर रही हैं। उनका उद्देश्य गांव की अधिक से अधिक महिलाओं को उनके हुनर से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
वहीं श्रीमती नंदी राणा ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्थानीय स्तर पर आयोजित संडे मार्केट में समूह द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। इसके साथ ही गोपेश्वर में कटाई-बुनाई के माध्यम से कुशन कवर, पंखी एवं अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर समूह की महिलाओं द्वारा राखियां भी तैयार की जा रही हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का अवसर मिल रहा है। स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने और नियमित बिक्री होने से समूह की महिलाओं की आजीविका में सुधार के साथ आत्मनिर्भरता भी बढ़ रही है।

जनपद के विभिन्न विकासखंडों में 30 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं सशक्त बहना उत्सव के माध्यम से अपने स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करा रही हैं। महिलाओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित वस्तुओं, राखियों, खाद्य उत्पादों, ऊनी एवं सिलाई-बुनाई से तैयार सामग्री को स्थानीय बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के हुनर को पहचान दिलाते हुए उन्हें स्वरोजगार, बाजार और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ना है।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी गौरव कुमार , मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी, परियोजना निदेशक आंनद सिंह सहित अन्य अधिकारी व विभिन्न समूहों की महिलाएं उपस्थित रही।

