कनोल गांव में दो दिन रहा मां नंदा का प्रवास, नंदाभक्तों के लिए ग्रामीणों ने की निशुल्क भोजन व रहने की व्यवस्था–
नंदानगर (चमोली)। मां नंदा की बड़ी जात में शामिल श्रद्धालुओं के लिए कनोल गांव के ग्रामीणों ने अतिथि देवो भव की मिसाल पेश की है। नंदाक पट्टी का अति दूरस्थ और सीमित संसाधनों वाले गांव में ग्रामीणों ने नंदाभक्तों के लिए अपने घरों के दरवाजे खोल दिए। सोमवार रात से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के गांव पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
ग्रामीणों ने बाहर से आए श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन, पानी और ठहरने की व्यवस्था की। स्थानीय पकवान बनाए। श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए ग्रामीण रातभर व्यवस्थाओं में जुटे रहे। कई परिवारों ने अपने घरों में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की, जबकि भोजन और पानी की भी सामूहिक रूप से व्यवस्था की गई। जात में शामिल शिवराज सिंह फरस्वाण, बिंदु नेगी, राजेश्वरी देवी और कल्पना का कहना है कि कनोल गांव भक्तों का ग्रामीणों ने उत्साह पूर्वक आतिथ्य सत्कार किया।
कठिन पैदल यात्रा कर गांव पहुंचे नंदाभक्तों ने ग्रामीणों के आत्मीय व्यवहार और सेवा भाव की जमकर सराहना की। श्रद्धालुओं ने कहा कि पहाड़ के दूरस्थ गांव में सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीणों का आतिथ्य मन को छू लेने वाला है। ग्रामीणों ने कहा कि मां नंदा की जात में शामिल श्रद्धालुओं की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

