चमोली। बहुगुणा विचार मंच के गढ़वाल-कुमाऊं संयोजक और वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश पुजारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान रूद्रप्रयाग जनपद के जखोली में स्वीकृत सैनिक स्कूल की ओर खींचा है। उन्होंने कहा कि कहा कि वर्ष 2015 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कृपा से उत्तराखंड के जनपद रुद्रप्रयाग में सैनिक स्कूल की स्थापना का निर्णय भारत सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया था। पूर्व में स्कूल का शिलान्यास उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और बाद में त्रिवेंद्र सिंह रावत के द्वारा भी किया गया था। परंतु अभी तक इसका निर्माण प्रारंभ नहीं हो पाया है, जिससे पर्वती क्षेत्र की जनता में घोर निराशा है। स्कूल के प्रारूप के अनुसार इसकी प्रवेश क्षमता लगभग 650 छात्रों की होगी और इसके लिए उत्तराखंड के छात्रों को लगभग 60% आरक्षण प्रदान किया जाना है। सैनिक बाहुल्य प्रदेश उत्तराखंड को यह अनमोल सौगात होगी, परंतु अफसरों की लालफीताशाही के कारण इसकी स्थापना में विलंब हो रहा है और वर्तमान में इससे संबंधित पत्रावली उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा विभाग देहरादून के बजट की स्वीकृति के अभाव में लंबित है। सैनिक स्कूल की स्थापना से सैनिक बाहुल्य क्षेत्र के नौजवानों को फौज में भर्ती होने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा, जिससे संपूर्ण उत्तराखंड का विकास होगा, उत्तराखंड के लिए इसकी स्थापना एक कारखाने की तरह होगी, जो कि 100-200 साल तक उत्तराखंड के सैनिकों और अफसरों की फौज तैयार करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग उठाई है कि इस प्रकरण में व्यक्तिगत रुचि लेकर सैनिक स्कूल जखोली के निर्माण के लिए आदेश पारित करें।
जखोली सैनिक स्कूल-अभी नहीं तो कभी नहीं, प्रधानमंत्री मोदी को भेजा पत्र, बजट की मांग–
by laxmi Purohit | Jul 26, 2021 | चमोली, शिक्षा | 0 comments

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