22 सालों से प्रतिवर्ष छोटी काशी हाट गांव के शिव मंदिर में अखंड दीया जलाने पहुंचते हैं भक्त, पढ़ें क्या है मान्यता–
पीपलकोटीः छोटी काशी के रुप में प्रसिद्ध हाट गांव के पौराणिक शिव मंदिर में तमिलनाडू से आए स्वामी श्री श्री तिरुज्ञानानंद जी महाराज की ओर से करीब ढाई कुंतल घी का अखंड दीया प्रज्ज्वलित किया गया। तमिलनाडू से यहां पहुंचे 50 से अधिक श्रद्धालुओं ने भी भोलेनाथ के दर्शन किए।
तमिलनाडू से प्रतिवर्ष स्वामी श्री श्री तिरुज्ञानानंद जी महाराज के नेतृत्व में श्रद्धालुओं का दल यहां पौराणिक शिव मंदिर में पूजा-अर्चना कर घी का दीया प्रज्ज्वलित करने पहुंचता है। किवदंति है कि जब प्राचीन काल में बदरीनाथ के लिए यात्रियों का पैदल आवागमन होता था, तो उस दौरान हाट गांव में यात्रा का मुख्य पड़ाव होता था। यहां बेलपत्री का घना जंगल भी है। जंगल के मध्य में शिव मंदिर स्थित है। बताया जाता है कि प्राचीन समय में तमिलनाडू के एक तीर्थयात्री ने इस शिव मंदिर में तीन साल तक कठोर तप किया था। जिसके पश्चात वे यहां से अंर्तध्यान हो गए थे। तभी से यहां पर तमिलनाडू के श्रद्धालु प्रतिवर्ष एक दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान कर अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित करते हैं। रामचंद्र पर्वत की तलहटी पर बसे इस शिव मंदिर के समीप ही लक्ष्मी नारायण का मंदिर भी स्थित है।
इस मौके पर पदमश्री डा. एसजी शिवा चिदंबरम, डी अन्नबालागन, तिरु मुत्तुबेलप्पन, डा. तंगरधी टी, सरला रामामूर्ति, कनमल, बालाचंदल, कौशल्या दयापाल, पर्नीमल्ल पी, कविता, ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल, पर्यावरणविद नरेंद्र पोखरियाल, कुमारस्वामी, उमा देवी, नर्वदा देवी आदि मौजूद रहे।
आस्थाः तमिलनाडू के श्रद्धालुओं ने शिव मंदिर में जलाया ढाई कुंतल का अखंड दीया–

