पीएमओ अधिकारियों के सम्मुख नाराजगी व्यक्त करेंगे बीकेटीसी के पदाधिकारी–
गोपेश्वरः बदरीनाथ धाम में इन दिनों मास्टर प्लान का कार्य जोर शोर से चल रहा है। मास्टर प्लान के तहत धाम में कई निजी और सरकारी भवनों का ध्वस्तीकरण कर दिया गया है। जिसके चलते प्रशासन के सम्मुख भवनों की कमी बनी हुई है।
प्रशासन अब बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के धर्मशालाओं का अधिग्रहण कर रही है। लेकिन इस संबंध में मंदिर समिति के पदाधिकारियों को नहीं पूछा जा रहा है, जिससे उनमें नाराजगी है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से धर्मशालाओं को अपने कब्जे में लिए जाने से पूर्व कोई अनुमति नहीं ली जा रही है।
मंदिर समिति के डालमिया व मोदी धर्मशाला, चांद कोटेज और शकुंतला भवन के करीब 23 कमरे प्रशासन के पास हैं। बीकेटीसी के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से बिना समिति की अनुमति के कमरों पर ताले लगाए जा रहे हैं।
समिति की उपसमिति (भूमि) के अध्यक्ष भाष्कर डिमरी का कहना है कि प्रशासन की ओर से बिना उनकी अनुमति के धर्मशालाओं को अपने कब्जे में लिया जा रहा है। यह सीधे सीधे मंदिर समिति की संपत्ति पर अतिक्रमण है। इस संबंध में पीएमओ के अधिकारियों के सम्मुख नाराजगी व्यक्त की जाएगी। पूछे जाने पर बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने भी इस संबंध में नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से मंदिर समिति के सीईओ से एक कमरे की मांग की थी, लेकिन 20 से अधिक कमरे अपने कब्जे में ले लिए गए हैं, इस संबंध में आगे बात की जाएगी।

