आर्मी की मधुर बैंड धुनों के साथ रवाना हुई डोली, सैकड़ों भक्त हुए शामिल, आज ल्वींठी बुग्याल में होगा रात्रि प्रवास–
गोपेश्वर: चतुर्थ केदार रुद्रनाथ की डोली अपने मंदिर के लिए रवाना हो गई है। बुधवार को सुबह करीब साढे़ नौ बजे आर्मी की मधुर बैंड धुनों के साथ रुद्रनाथ की उत्सव डोली अपने मंदिर के लिए रवाना हो गई है।
उत्तराखंड में पंच केदार स्थित हैं। जिनमें केदारनाथ, मध्य महेश्वर, तुंगनाथ, रुद्रनाथ और कल्पनाथ जी हैं। उर्गम घाटी में स्थित कल्पनाथ मंदिर के कपाट वर्षभर खुले रहते हैं, जबकि अन्य चार केदारों के कपाट ग्रीष्मकाल में छह माह के लिए खोले जाते हैं। रुद्रनाथ मंदिर के लिए गोपेश्वर से सगर गांव तक वाहन से और यहां से करीब 20 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर जाया जाता है। रुद्रनाथ मंदिर सुरम्य बुग्यालों के बीच एक पहाड़ी पर स्थित है।
बुधवार को सुबह रुद्रनाथ भगवान की विशेष पूजाएं आयोजित हुई। डोली आज ल्वींठी बुग्याल में ही रात्रि प्रवास पर रहेगी, 18 मई को डोली पनार बुग्याल में और 19 को मंदिर में पहुंचेंगी। 20 मई को ब्रह्ममुहुर्त में रुद्रनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। 15 मई को गोपीनाथ मंदिर के गर्भगृह से लाकर रुद्रनाथ जी की प्रतिमा को मंदिर परिसर में रखा गया। दो दिनों तक श्रद्धालुओं ने रुद्रनाथ भगवान के दर्शन किए। इस मौके पर पंडित जनार्दन प्रसाद तिवारी, हरीश भट्ट आदि मौजूद रहे। गोपीनाथ मंदिर परिसर में हंस फाउंडेशन की ओर से तीन दिनों तक श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया।


