1484 यात्री पहुंचे हेमकुंड साहिब, गुरुद्वारे में मत्था टेकने के साथ ही बर्फबारी का लिया मजा–
जोशीमठ: हेमकुंड साहिब में इस बार गुरुद्वारे में मत्था टेकने के साथ ही तीर्थयात्री बर्फबारी का भी जमकर आनंद ले रहे हैं। हेमकुंड साहिब में जहां नजर दौड़ाओ, वहीं बर्फ की सफेद चादर बिछी दिख रही है। शनिवार को घांघरिया से हेमकुंड साहिब पहुंचे 1484 तीर्थयात्रियों ने गुरुद्वारे में मत्था टेका।
बुधवार को मौसम खराब होने से हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा प्रशासन और श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट की ओर से रोक ली गई थी। बृहस्पतिवार को भी भारी बर्फबारी के चलते यात्रा शुरू नहीं हो पाई। शुक्रवार को मौसम सामान्य होने पर सेवादारों ने आस्था पथ पर जमीं बर्फ को हटाया। हेमकुंड साहिब में अभी भी करीब छह फीट तक बर्फ जमीं है
गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि हेमकुंड साहिब में मौसम सामान्य हो गया है। चटख धूप खिलने पर तीर्थयात्री गुरुद्वारे के साथ ही प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ भी उठा रहे हैं। हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने कहा कि तीर्थयात्रा सुचारु होने पर बड़ी संख्या में तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब पहुंचे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, जोशीमठ, गोविंदघाट, गोविंद धाम (घांघरिया) से हेमकुंड साहिब जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए ट्रस्ट के पास अपने सभी गुरुद्वारों और धर्मशालाओं में पर्याप्त आवास हैं।
खराब मौसम के समय तीर्थयात्री रास्ते में ही रुक जाएं। यात्रा बेहद सुरक्षित ढंग से करें। जगह-जगह यात्रा मार्ग पर लंगर की सुविधा है। यात्रा सुविधाओं को बढ़ाने के लिए ट्रस्ट की ओर से रैतोली (रुद्रप्रयाग) में विशाल धर्मशाला निर्माण किया जा रहा है। इसका निर्माण भी शुरू हाे गया है। हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर पहुंचने के लिए तीर्थयात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।


