चमोली जिला प्रशासन ने शुरू की कवायद, अधिकारियों को जिलाधिकारी ने दिए ये निर्देश–
गोपेश्वर: प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप भोटिया जनजाति के लोगों को उनके शीतकालीन प्रवास के पडाव और राजकीय भूमि पर निर्मित भवनों एवं काबिज भूमि का मालिकाना अधिकार दिए जाने की कवायद शुरू हो गई है। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने इस संबंध में गुरूवार को राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देशित किया कि जनपद में भोटिया जनजाति के शीतकालीन प्रवास वाले सभी गांवों में भोटिया परिवारों की संख्या और काबिज क्षेत्रफल का संक्षिप्त विवरण तैयार किया जाए।
राजस्व अभिलेखों में भोटिया पडाव के नाम से दर्ज भूमि और सरकारी भूमि के साथ ही भोटिया जनजाति के ऐसे परिवार, जिनके पास भूमि का मालिकाना हक है और ऐसे परिवार जिनको मालिकाना हक दिया जाना है, उसका विवरण शीघ्र उपलब्ध किया जाए। वीसी में सभी तहसीलों से उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं राजस्व पटलों के संबधित अधिकारी मौजूद थे। बता दें कि भोटिया जनजाति के ग्रामीण पिछले कई सालों से शीतकालीन प्रवास के पड़ावों में मालिकाना हक देने की मांग राज्य से लेकर केंद्र सरकार से कर रहे थे। गृह मंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर कई मंत्रियों को ग्रामीण ज्ञापन सौंप चुके थे, अब जाकर ग्रामीणों को हक मिलने की उम्मीद जगी है।

