जोशीमठ। मलारी हाईवे को शीघ्र खोलने, नीती घाटी में बिजली और संचार सेवा शुरू करने, घाटी में हेली रेस्क्यू शुरू करने और घाटी के गांवों में रसद सामग्री के वितरण की मांग पर सोमवार को जोशीमठ में भोटिया जनजाति व स्थानीय जनप्रतिनिधयों ने जुलूस प्रदर्शन कर आमरण अनशन शुरू कर दिया ह। तहसील में एसडीएम को इस संबंध में एक दिन पूर्व ही ग्रामीणों की ओर से अल्टीमेटम दे दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से हाईवे को खुलवाने में कोई दिलचस्पी नहीं ली जा रही है। घाटी में सैकड़ों ग्रामीण फंसे हुए हैं। कई परिवार के पास राशन नहीं है। ग्रामीण बेहाल हैं। पूर्व दायित्वधारी ठाकुर सिंह राणा ने कहा कि ग्रामीणों को परेशानी में रहना पड़ रहा है। हाईवे को अभी तक खोला जाना चाहिए था, लेकिन प्रशासन इस ओर उदासीन बना हुआ है। अब आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचा हुआ है। उन्होंने कहा कि शीघ्र घाटी में रसद वितरित किया जाए, हाईवे को सुचारू किया जाए। भलगांव के ग्राम प्रधान लक्ष्मण बुटोला ने कहा कि पिछले 11 दिनों से ग्रामीण जगह-जगह फंसे हुए हैं। प्रशासन बार-बार हेली रेस्क्यू की बात कर रहा है, लेकिन सेवा अभी तक शुरू नहीं की गई है।
नहीं खुला मलारी हाई, अब झेलो आंदोलन, यहां शुरू हो गया आमरण अनशन–
by laxmi Purohit | Aug 23, 2021 | आंदोलन, चमोली | 0 comments

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