एचएमपीवी; कोरोना जैसा खतरनाक नहीं, फिर भी सावधानी सतर्कता जरुरी, पढ़ें इसके लक्षण और रोकथाम–

by | Jan 7, 2025 | ब्रेकिंग, स्वास्थ्य | 0 comments

एचएमपीवी (ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस) चीन के बाद भारत में भी आया, पांच बच्चे संक्रमित, इन जगहों पर अलर्ट–

नई दिल्ली, 06 जनवरी 2025: एचएमपीवी (ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस ने चीन के बाद अब भारत में भी दस्तक दे दी है। बताया गया कि देश में पांच बच्चे इससे संक्रमित मिले हैं। कर्नाटक, गुजरात के अहमदाबाद और चैन्नई में एचएमपीवी संक्रमित बच्चों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस वायरस से घबराने की जरुरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतनींजरुरी है। गुजरात के अहमदाबार में दो माह के बच्चे में यह संक्रमण मिला है। तमिलनाडू के चैन्नई में भी दो संक्रमित बच्चों का इलाज चल रहा है। इसके लक्षण खांसी-बुखार जैसे ही हैं। बच्चे, बुजुर्ग व कमजोर इम्यूनिटी वालों को सतर्क रहने की जरूरत है।

पढ़ें एचएमपीवी के लक्षण-

– एचएमपीवी के लक्षण व्य​क्ति की उम्र और प्रतिरक्षा प्रणाली पर निर्भर करते हैं, इसमें बहती नाक, नले में खराश, खांसी और बुखार जैसे लक्षण होते हैं, जो आम सर्दी-जुकाम जैसे दिखते हैं। कुछ लोगों को लंबे वक्त तक खांसी, सांस लेते समय घरघराहट या अत्यधिक थकान हो सकती है।

– ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस नया नहीं है। भारत में पहले भी लोग इसकी चपेट में आ गए थे। बीमारों को अस्पतालों में भर्ती किया गया था, जिसमें ​शिशु भी शामिल रहे, इसके लक्षण सर्दी, खांसी, बुखार, कफ की शिकायत जैसे ही हैं। यह सीधे बच्चों में तीव्र श्वसन संक्रमण (एआरआई) पैदा करता है। कुछ लोग इसे कोविड-19 जैसा बता रहे हैं। हालांकि यह कोविड जैसा खतरनाक नहीं है, फिर भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

बढ़ा सकता है फेफड़े और सांस की दिक्कतें

एचएमपीवीफेफड़ों और श्वसन तंत्र से जुड़ीं बीमारियां पैदा करने वाला वायरस है। इसे 2001 में पहली बार खोजा गया था। एचएमपीवी हल्की से गंभीर श्वसन समस्याएं पैदा कर सकता है, खासकर शिशुओं, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में। आमतौर पर सर्दियों और वसंत की शुरुआत में ज्यादा फैलता है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में यह साल भर फैल सकता है।

Latest News

चमोली: जनता मिलन में सुनी गईं 30 शिकायतें, मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश-

सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा कर लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश- गोपेश्वर, 29 सितंबर...

चमोली: सीवरेज, सेप्टेज एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के निर्देश–

एसटीपी की नियमित निगरानी और ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के निर्देश-- गोपेश्वर, 28 सितंबर 2026:...

चमोली: सेवा संकल्प अभियान के तहत कर्णप्रयाग शिविर में 484 लोगों ने किया प्रतिभाग–

56 दिव्यांगजनों के बनाए गए दिव्यांग प्रमाण पत्र-- कर्णप्रयाग, 28 सितंबर 2026: सेवा संकल्प अभियान के...

चमोली: धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने को प्रशासन ने जारी किए आदेश–

बद्रीनाथ धाम सहित धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रशासन सख्त-- गोपेश्वर, 27 सितंबर...

चमोली: विधिक जागरूकता शिविर में दी कानूनी अधिकारों की जानकारी–

न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और आलोक महरा ने बताया निःशुल्क कानूनी सहायता का महत्व-- गोपेश्वर, 27...

चमोली: श्री बदरीनाथ धाम में मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, मास्टर प्लान के कार्यों का लिया जायजा–

भगवान बदरीविशाल से प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की, मास्टर प्लान के कार्यों को...

चमोली: देवभूमि की लोक संस्कृति हमारी पहचान, नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री–

भारतीय सेना और स्थानीय नागरिकों के बीच सहयोग एवं समन्वय को मजबूत करता देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026...

जय मां नंदा: मां नंदा की बड़ी जात संपन्न, कैलाश विदा हुआ चौसिंग्या खाडू–

होमकुंड में पूजा-अर्चना के बाद हुआ विदाई अनुष्ठान, चौसिंग्याखाडू को कैलाश के लिए किया रवाना, भावुक...

उत्तराखंड: दिव्यांग बच्चों के बीच अपना जन्म दिवस मनाने पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी–

बच्चों के साथ केक काटा, आत्मीयता से मिले और साझा की जन्म दिवस की खुशियां-- देहरादून, 16 सितंबर 2026:...
error: Content is protected !!