वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद, टीईटी को लेकर शिक्षकों में जगी राहत की उम्मीद–
अगस्त्यमुनि। प्रदेश में कार्यरत उन शिक्षकों को टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता से राहत मिलने की उम्मीद जगी है, जिनकी नियुक्ति के समय टीईटी अनिवार्य नहीं था। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की ओर से अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों के लिए अलग से टीईटी कराने संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए जाने पर प्राथमिक शिक्षक संगठन, शाखा अगस्त्यमुनि ने खुशी जताते हुए इसे शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण पहल बताया है।
शाखा मंत्री गिरिजेश सेमवाल ने कहा कि नियुक्ति के समय टीईटी अनिवार्य नहीं होने के बावजूद वर्षों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दे रहे शिक्षकों के सामने वर्तमान में टीईटी की अनिवार्यता को लेकर कई व्यावहारिक दिक्कतें खड़ी हो रही हैं। ऐसे में सरकार की ओर से समाधान की दिशा में कदम उठाना स्वागतयोग्य है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के निर्देश से शिक्षकों में नई उम्मीद जगी है। संगठन ने सरकार से मांग की कि प्रस्ताव को जल्द अंतिम रूप देकर शासनादेश जारी किया जाए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को राहत मिल सके।
इस अवसर पर शाखा अध्यक्ष अनूप नेगी, शाखा मंत्री गिरिजेश सेमवाल, कोषाध्यक्ष नीलम बिष्ट समेत शाखा के समस्त पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का आभार जताया। संगठन ने कहा कि शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाता रहेगा।

