नेटवर्क की समस्या का हवाला देकर श्रमिकों की उपस्थिति ऑफलाइन दर्ज कराने की उठाई मांग, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी–
गोपेश्वर। चमोली के ग्राम प्रधान संगठन ने वीबी जी रामजी (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) में श्रमिकों की उपस्थिति ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन दर्ज कराने की मांग उठाई है। समिति ने अपनी मांगों से मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया है। उन्होंने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। प्रधानों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या बनी रहती है, जिससे श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में परेशानी होती है।
जिला प्रधान संगठन की ओर से भेजे ज्ञापन में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 600 और कुशल श्रमिकों की 800 रुपये करने की मांग की गई है। साथ ही ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने, जनसंख्या व भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर राज्य व केंद्रीय वित्त की धनराशि बढ़ाने की मांग की गई।
प्रधानों ने जिला योजना में स्वीकृत कार्यों के प्रस्ताव ग्राम पंचायत की खुली बैठक में अनिवार्य रूप से पारित कराने, ग्राम प्रधान निधि के लिए बजट में प्रावधान करने, 10 लाख रुपये तक के कार्यों की कार्यदायी संस्था ग्राम पंचायत को बनाने और मनरेगा के पूर्व कार्यों के लंबित सामग्री भुगतान की मांग भी उठाई। प्रधानों का विभागीय बीमा कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
जिलाध्यक्ष महावीर सिंह रावत ने कहा कि संगठन पिछले तीन माह से लगातार इन मांगों को उठा रहा है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। इससे प्रधानों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। ज्ञापन भेजने वालों में महेंद्र सिंह बिष्ट, उमेश खंडूड़ी, युद्धवीर सिंह फरस्वाण, भगत सिंह, आशीष थपलियाल, सुशील, मंदोदरी गड़िया, अवतार बिष्ट के साथ ही कई ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान शामिल रहे।

