गुरु ग्रंथ साहिब जी को सत्कार सहित शीतकालीन निवास सचखंड पहुंचाया, पाकिस्तान से आए 48 श्रद्धालुओं ने भी किए दर्शन
गोविंदघाट (चमोली), 10 अक्तूबर 2026: सिखों के पवित्र तीर्थ श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार को शीतकाल के लिए श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ बंद कर दिए गए। इस पावन अवसर पर करीब पांच हजार श्रद्धालु हेमकुंड साहिब में मौजूद रहे। अंतिम अरदास के बाद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को पूरे सम्मान के साथ शोभायात्रा के रूप में उनके शीतकालीन निवास सचखंड ले जाया गया। इस दौरान बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारों से पूरा तीर्थ परिसर गूंज उठा।
कपाट बंद होने के समारोह का शुभारंभ सुखमनी साहिब के पाठ से हुआ। इसके बाद श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी सिंह गुरदियाल सिंह और उनके जत्थे ने शबद कीर्तन प्रस्तुत किया। अंतिम अरदास के बाद गुरु ग्रंथ साहिब जी को पालकी में विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का नेतृत्व गढ़वाल स्काउट्स बैंड और 418 इंडिपेंडेंट इंजीनियर कोर के जवानों ने किया। सेना के जवानों ने समारोह के दौरान भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभाली।
पाकिस्तान से पहुंचे 48 श्रद्धालु
इस वर्ष हेमकुंड साहिब की यात्रा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, यूरोप, मलेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर और दुबई सहित विभिन्न देशों के तीर्थयात्रियों ने यहां मत्था टेका। समारोह का विशेष आकर्षण पाकिस्तान से आए 48 श्रद्धालुओं का जत्था रहा, जिसने पवित्र तीर्थ के दर्शन कर कपाट बंद होने के समारोह में भाग लिया। बीते दिन से हल्की बर्फबारी शुरू होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और करीब पांच हजार श्रद्धालु इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने।

ट्रस्ट ने जताया आभार
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन सरदार नरिंदरजीत सिंह बिंद्रा ने यात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं, भारतीय सेना, राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पूरे यात्रा सीजन में सुरक्षा और व्यवस्थाएं सुचारु बनाए रखने में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने गुरुद्वारों के सेवादारों के समर्पण और परिश्रम की भी प्रशंसा की। साथ ही बताया कि रतूड़ा गुरुद्वारा भी अब संगत के लिए खुल गया है।
ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सरदार सेवा सिंह ने कहा कि श्रद्धालुओं के अनुशासन और सहयोग से यात्रा की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद मिली। अब हेमकुंड साहिब की यात्रा शीतकाल के लिए बंद हो गई है। अगले वर्ष ग्रीष्मकाल में यात्रा दोबारा शुरू होगी।

