अभिमन्यु वध का मार्मिक मंचन देख नम हुईं दर्शकों की आंखें–
गोपेश्वर, 25 अक्टूबर 2026: गोेपेश्वर के सेरा मैदान में रविवार को अक्षत नाट्य संस्था की ओर से गढ़वाली बोली में चक्रव्यूह का शानदार मंचन किया गया। कौरवों की दहाड़ और वीर अभिमन्यु के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की गाथा जब गढ़वाली बोली में मंच पर जीवंत हुई तो दर्शक भावुक हो उठे। अक्षत नाट्य संस्था की ओर से पहली बार नगर क्षेत्र में गढ़वाली बोली में चक्रव्यूह का मंचन किया गया।
वरिष्ठ एडवोकेट व रंगकर्मी सुशील पुरोहित और संस्था के अध्यक्ष विजय वशिष्ठ के संयुक्त निर्देशन में कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से महाभारत के प्रसंगों को सजीव कर दिया। गढ़वाली में संवाद और गायन शैली ने जहां दर्शकों को अपनी लोकभाषा और संस्कृति से जोड़ा, वहीं ढोल-दमाऊं की सुरमयी थाप ने मंचन को और प्रभावशाली बना दिया। कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय ने युद्धभूमि के रोमांच से लेकर अभिमन्यु के बलिदान तक के दृश्यों को जीवंत कर दिया।
अक्षत नाट्य संस्था से जुड़े कमल किशोर डिमरी ने बताया कि इस मंचन को लोगों की खूब सराहना मिली है। आगामी एक नवंबर को देहरादून में आयोजित विरासत-2026 में भी चक्रव्यूह का मंचन किया जाएगा।
कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष राज्यमंत्री चंद्रकला तिवारी, जिला भेषज संघ के अध्यक्ष सतेंद्र असवाल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रघुवीर बिष्ट, व्यापार संघ अध्यक्ष विनोद जोशी, नंदन बिष्ट, ऊषा रावत, वीरेंद्र असवाल, मोहन नेगी, सुशीला सेमवाल, शांति प्रसाद भट्ट, पृथ्वी रावत, ओम प्रकाश पुरोहित, ओम प्रकाश नेगी और लोकेश रावत के साथ ही सैकड़ों लोग मौजूद रहे। सेरा मैदान दर्शकों से खचाखच भरा था।

