चमोली: पोखरी के तोणजी गांव में पांडव नृत्य की धूम, घर-घर जाकर दिए भक्तों को दर्शन–

चमोली: पोखरी के तोणजी गांव में पांडव नृत्य की धूम, घर-घर जाकर दिए भक्तों को दर्शन–

अस्त्र शस्त्रों के साथ किया पांडव अवतारी पुरुषों ने नृत्य, पांडव नृत्य से गांव में बनी रौनक, भक्तों में उत्साह-- पोखरी (चमोली), 18 दिसंबर 2025: विकासखंड पोखरी के तोणजी गांव में पांडव नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। हर दिन पांडवों के अवतारी पुरुष ढोल दमाऊ की धुन पर...

पंच प्यारों की अगुवाई में खुले हेमकुंड साहिब के कपाट, जो बोले सो‌ निहाल के जयकारे गूंजे–

पंच प्यारों की अगुवाई में खुले हेमकुंड साहिब के कपाट, जो बोले सो‌ निहाल के जयकारे गूंजे–

हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार को विधिविधान के साथ श्रद्घालुओं के लिये खोल दिये गये है। कपाट खुलने के दौरान 80 श्रद्घालु मौजूद रहे। इस दौरान सभी श्रदालुओं ने पहली अरदास में भाग लिया। शनिवार को 9 बजे पंच प्यारों की अगुवाई में सचखंड से गुरुग्रंथ साहिब को दरवार साहिब...

किरुली गांव में अराध्य देव विश्वकर्मा मंदिर में तीन दिवसीय मेला संपन्न, देवताओं ने भक्तों को दिया आशीर्वाद–

किरुली गांव में अराध्य देव विश्वकर्मा मंदिर में तीन दिवसीय मेला संपन्न, देवताओं ने भक्तों को दिया आशीर्वाद–

   पीपलकोटी। बंड क्षेत्र के किरुली गांव में अराध्य देव भगवान विश्वकर्मा ने ढोल की थाप पर अद्भुत नृत्य किया। महिलाओं, ध्याणियों और भक्तगणों ने अपने अराध्य देवता के दर्शन किए और अपने परिवार, ईष्ट मित्रगणों की मनोकामना पूर्ण करने का आशीर्वाद प्राप्त किया। किरुली गांव के...

खुशखबरी- हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा भी खुली, इस तिथि से मत्था टेकने जा सकेंगे हेमकुंड साहिब–

खुशखबरी- हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा भी खुली, इस तिथि से मत्था टेकने जा सकेंगे हेमकुंड साहिब–

 जोशीमठ। हेमकुंड गुरुद्वारा ट्रस्ट की ओर से हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा शुरु करने का एलान किया है। तीर्थयात्री 18 सितंबर से हेमकुंड साहिब के दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान कोविड नियमों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में आने वाले सभी तीर्थयात्रियों को...

बदरीनाथ जी को न्यौता देने माणा गांव से पहुंचे भगवान घंटाकर्ण, यह है बामन द्वादशी पर धाम में मान्यता–

बदरीनाथ जी को न्यौता देने माणा गांव से पहुंचे भगवान घंटाकर्ण, यह है बामन द्वादशी पर धाम में मान्यता–

गोपेश्वर। बामन द्वादशी के पावन पर्व पर शुक्रवार को माणा गांव के माता मूर्ति मंदिर में मेले की धूम रहेगी। बृहस्पतिवार को माणा गांव से भगवान घंटाकर्ण बदरीनाथ जी को न्यौता देने के लिए बदरीनाथ धाम पहुंच गए हैं। माता मूर्ति बदरीनाथ जी की माता हैं। भगवान बदरीनाथ ने अपनी...

बदरीनाथ में मनाई गई नारद जयंती, पढ़ें बदरीनाथ में कहां स्थित है नारद शिला–

बदरीनाथ में मनाई गई नारद जयंती, पढ़ें बदरीनाथ में कहां स्थित है नारद शिला–

बदरीनाथ। इस बार भी बदरीनाथ धाम में नारद जयंती सादगी से मनाई गई। बदरीनाथ धाम में प्रतिवर्ष नारद जयंती को धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन पिछले दो सालों से कोरोना संक्रमण के चलते नारद जयंती को सादगी के साथ मनाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक...

ब्रह्मचारी मुकुन्दानन्द जी महाराज ने की मां नन्दा देवी की विशेष पूजा, विश्व कल्याण के लिए किया मां का आह्वान —

ब्रह्मचारी मुकुन्दानन्द जी महाराज ने की मां नन्दा देवी की विशेष पूजा, विश्व कल्याण के लिए किया मां का आह्वान —

जोशीमठ। तोटकाचार्य गुफा,  पूज्यपाद ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज के प्रतिनिधि स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती जी महाराज के शिष्य मुकुन्दानन्द ब्रह्मचारी जी ने नंदा अष्टमी के पावन पर्व पर परसारी गांव में मां नंदा...

भारत-चीन युद्घ के 59 साल बाद देवताल पहुंचे ग्रामीण, पढ़ें कहां स्थित है देवताल, भगवान श्रीकृष्ण भी द्वापर युग में यहीं से गए थे कैलाश मानसरोवर-

भारत-चीन युद्घ के 59 साल बाद देवताल पहुंचे ग्रामीण, पढ़ें कहां स्थित है देवताल, भगवान श्रीकृष्ण भी द्वापर युग में यहीं से गए थे कैलाश मानसरोवर-

बदरीनाथ। चमोली जनपद से लगे तिब्बत बार्डर पर स्थित धार्मिक स्थल देवताल में देश के अंतिम गांव माणा के ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना की। यहां उन्होंने अपने पितरों की पूजा-अर्चना की। दो सालों से चारधाम यात्रा का संचालन न होने के कारण इस वर्ष माणा गांव के भोटिया जनजाति के...

कैलाश विदा हुई मां नंदा, भक्तों ने अपनी आराध्य को दी अश्रुपूर्ण विदाई–

कैलाश विदा हुई मां नंदा, भक्तों ने अपनी आराध्य को दी अश्रुपूर्ण विदाई–

चमोली। सुरम्य बुग्याल बालपाटा में पूजा-अर्चना के बाद मां नंदा कैलाश के लिए विदा हो गई। भक्तों ने अपनी आराध्य देवी मां नंदा को अश्रुपूर्ण विदाई दी। महिलााओं, ध्याणियों ने मां नंदा को श्रृंगार सामग्री और काखड़ी, मुंगरी भेंट की। बालपाटा में मां नंदा की करीब एक घंट तक...

मां नंदा राजजात यात्रा का रौचक तथ्य जानें, इसलिए नहीं लिया जाता बंड भूम्याल से ज्यूंरागली में टैक्स–

मां नंदा राजजात यात्रा का रौचक तथ्य जानें, इसलिए नहीं लिया जाता बंड भूम्याल से ज्यूंरागली में टैक्स–

चमोली। मां नंदा की बारह वर्षों में आयोजित होने वाली राजजात यात्रा का रौचक तथ्य जानें। पीपलकोटी के बंड भूम्याल देवता से नंदा राजजात यात्रा के १६वें पड़ाव पर स्थित शिला समुद्र से आगे ५३३३ मीटर की ऊंचाई पर स्थित ज्यूंरागली में आज भी टैक्स नहीं लिया जाता है। मान्यता है कि...

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